Nitnama Nitnama
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Nitnama
7 months ago

सासि सासि सिमरहु गोबिंद । मन अंतर की उतरै चिंद ॥१॥
अर्थ: हर सांस के साथ गोबिंद का स्मरण करो, इससे मन की सभी चिंताएँ समाप्त हो जाती हैं।

स्रोत: राग गुजरी, महला ५, अंग 295

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