ताख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबों में महान गुरसिख और लेखक भाई मनी सिंह जी के पास से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पूर्णता करवाकर, दसमेश पिता श्री गोबिंद सिंह जी ने मालवे की धरती को शुभाग्य बख्शा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी एक ही धार्मिक ग्रंथ हैं, जो सारी मनुष्यता के साझे हैं और जिन्हें 'गुरु' का दर्जा प्राप्त है। शब्द गुरु श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से कुल मनुष्यता को सार्वसामान्यता और सर्वत्र के भले की सेध प्राप्त होती है, और इसी कारण इन्हें समूची मनुष्यता के साझे गुरु के रूप में सत्कारित किया जाता है। महान गुरु साहिबान के साथ सत्कारयोग भक्तों और भट्टां की बाणी जिसमें मनुष्य को नाम सिमरन, परौपकार और प्रभु प्रेम के लिए प्रेरित किया गया है, वहां ही सामाजिक कुरीतियों, पाखंड और अदंबरों को छोड़कर प्रपक्ष सामाजिक मनुष्य बनने की प्रेरणा भी देती है। श्री आदि ग्रंथ की संपादना पंजवें सतिगुरु, शहीदां के सिरताज श्री गुरु अर्जन देव जी के पावन कर-कमलों से हुई, जिन्होंने गुरु साहिबान और सत्कारयोग भगत और भट्टां की बाणी को एकत्र करके सर्वउपरान्त सति ग्रंथ की रचना की। इसी सति आदि ग्रंथ में श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की बाणी को दर्ज करके कलगिधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने शब्द गुरु ग्रंथ साहिब जी की संरचना की। अभिचल नगर श्री हजुर साहिब नांदेड़ में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को माथा टेका, और गुरु थाप के सिख कौम को सदीवी और शबद गुरु के लार लाया। शब्द गुरु जी का अदब सहित रोजाना सवेरे प्रकाशित किया जाना और शाम को सुखासन किया जाना प्रग्टावा करते हैं कि सिखों के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सर्वोच्च हैं। हर शुभ काम के लिए सिख श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के चरणों में अरदास करके आगया मांगते हैं, और हर मुश्किल घड़ी का सामना करने के लिए गुरु के चरणों में हौसला बढ़ाने की प्रार्थना की जाती है। दसवें पात्साही की जगती ज्योति, शब्द गुरु श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन पूर्णता दिवस की सारी देश-विदेश वासियों को गुरु रूप साध-संगत को लाख-लाख बधाई।
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