दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चाली मुक्तों की स्मृति में श्री मुक्तसर साहिब में माघी जोड़ मेला कल से आरंभ होने जा रहा है। परंपरागत रूप से यह मेला 14 और 15 जनवरी दो दिनों तक आयोजित होता है, लेकिन मलोट रोड पर लगे मनोरंजन मेले के कारण इस बार करीब दो महीने तक शहर में मेले जैसी रौनक बनी रहेगी। श्री मुक्तसर साहिब में आज से ही संगत चाली मुक्तों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहुँचनी शुरू हो गई है। हालाँकि लोहड़ी की रात से ही श्रद्धालु गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब के पवित्र सरोवर में स्नान शुरू कर देते हैं, लेकिन बुधवार सुबह 4 बजे से बड़ी संख्या में संगत पहुँचकर स्नान करेगी और चाली मुक्तों को श्रद्धा से नमन करेगी। गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब में पिछले सोमवार आरंभ हुए श्री अखंड पाठ साहिब का भोग 14 जनवरी को सुबह 7:30 बजे होगा। इस अवसर पर लाखों की संख्या में संगत गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब और अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों में मत्था टेकने पहुंचेगी। गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब के मैनेजर भाई निर्मलजीत सिंह ने बताया कि 13 और 14 जनवरी को भाई महां सिंह दीवान हॉल में धार्मिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें रागी, ढाडी जथे और विद्वान गुरबाणी कीर्तन और प्रवचन करेंगे। 15 जनवरी को गुरुद्वारा टिब्बी साहिब में विशेष ढाडी दीवान और गुरुद्वारा तंबू साहिब में सुबह 11 बजे अमृत संचार होगा, जिसमें इच्छुक संगतों को अमृत पान करवाया जाएगा। उसी दिन नगर कीर्तन भी निकाला जाएगा। यह कीर्तन गुरुद्वारा साहिब के गेट नंबर 4 से शुरू होकर गुरुद्वारा टिब्बी साहिब से होता हुआ वापस गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब पहुँचकर समाप्त होगा। परिक्रमा में सिख इतिहास दर्शाने वाली प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। शहर के ऐतिहासिक गुरुद्वारे — गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब, गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब, गुरुद्वारा तंबू साहिब, गुरुद्वारा रकाबसर साहिब और गुरुद्वारा दातनसर साहिब — में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मत्था टेकेंगे।
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