नानकशाही पंजाबी नववर्ष 558 सिख और पंजाबी समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है। नानकशाही कैलेंडर का नाम प्रथम सिख गुरु, श्री गुरु नानक देव जी के सम्मान में रखा गया है। यह कैलेंडर सिख धर्म के ऐतिहासिक दिनों और गुरपुरबों को सही और निश्चित तिथियों पर मनाने के उद्देश्य से बनाया गया था। नानकशाही कैलेंडर के अनुसार नया वर्ष हर साल चेत महीने के पहले दिन से शुरू होता है, जो सामान्यतः 14 मार्च को पड़ता है। यह दिन केवल नए वर्ष की शुरुआत नहीं बल्कि नई उम्मीदों, नए संकल्पों और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक भी है। इस अवसर पर गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन, अरदास और लंगर का आयोजन किया जाता है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में गुरुद्वारों में एकत्र होकर वाहेगुरु का धन्यवाद करते हैं और आने वाले वर्ष के लिए सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना करते हैं। नानकशाही कैलेंडर को वर्ष 2003 में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा लागू किया गया था, ताकि सिख ऐतिहासिक दिनों को एक समान तरीके से मनाया जा सके। यह दिन हमें सिख धर्म के मूल सिद्धांतों—सेवा, सिमरन और सत्य के मार्ग पर चलने—की प्रेरणा देता है। इस शुभ अवसर पर सभी को नानकशाही पंजाबी नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ।
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