पश्चिम एशिया के संघर्ष के कारण देश में एलपीजी सिलेंडरों की कमी हो रही है, लेकिन अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में गुरु का लंगर बिना किसी रुकावट के जारी है। यह दुनिया का सबसे बड़ा सामुदायिक रसोईघर माना जाता है, जहां रोज़ाना एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं को मुफ्त भोजन कराया जाता है।  मंदिर प्रबंधन के अनुसार लंगर के लिए पर्याप्त एलपीजी का भंडार मौजूद है और नियमित रूप से गैस की आपूर्ति भी हो रही है। लंगर में प्रतिदिन लगभग 25 गैस सिलेंडर उपयोग किए जाते हैं, और अतिरिक्त सिलेंडर भी सुरक्षित रखे गए हैं।  किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रबंधन ने काफी मात्रा में लकड़ी भी स्टॉक में रखी है, ताकि जरूरत पड़ने पर खाना बनाना जारी रह सके। लंगर सेवा सिख धर्म की समानता और सेवा की भावना का प्रतीक है।  जहां कई होटल और रेस्टोरेंट एलपीजी संकट के कारण प्रभावित हो रहे हैं, वहीं स्वर्ण मंदिर का लंगर सेवा बिना रुके जारी है।
Please log in to comment.